सड़क निर्माण ठप: सैकड़ों ग्रामीणों ने PWD कार्यालय का घेराव किया, टेंट लगाकर धरने पर बैठे, देर रात लिखित आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित

कवर्धा। बंशापुर–प्राणखैरा–धौराबंद सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से बंद होने के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सोमवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय पहुंच गए और घेराव कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे भी शामिल हुए।
ग्रामीणों ने कार्यालय के सामने टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया और सड़क निर्माण कार्य तुरंत शुरू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
ग्रामीणों का कहना है कि बंशापुर, प्राणखैरा और धौराबंद गांवों को जोड़ने वाली यह सड़क लंबे समय से लंबित है। सड़क नहीं बनने से लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण सड़क का टेंडर निरस्त कर दिया गया, जिससे निर्माण कार्य ठप हो गया और क्षेत्र का विकास रुक गया।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने PWD अधिकारियों से चर्चा भी की, लेकिन उनका आरोप है कि अधिकारियों की ओर से उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा और लगातार गोलमोल बात कर टाल दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले भी विभागीय अधिकारियों से मिलकर तीन दिनों के भीतर सड़क निर्माण शुरू नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दे चुके थे, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा अनुबंध के अनुसार काम नहीं किए जाने के कारण टेंडर निरस्त किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
देर शाम तक चले इस प्रदर्शन के बाद PWD विभाग ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया और अपने घर लौट गए। विभाग की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की बात कही गई है।
अब देखना यह होगा कि विभाग अपने इस आश्वासन पर कितना खरा उतरता है और क्षेत्र के ग्रामीणों को पक्की सड़क कब तक नसीब हो पाती है।



